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पीठमध्यम

पुल-अप

लक्षित मांसपेशियां

लैट्स (लैटिसिमस डॉर्सी)

द्वितीयक मांसपेशियां

बाइसेप्स, रियर डेल्टॉइड्स, कोर

उपकरण

Pull-Up Bar

सेट्स/रेप्स मार्गदर्शन

शुरुआती: असिस्टेड पुल-अप मशीन या रेज़िस्टेंस बैंड के साथ 3 सेट्स, 5-8 रेप्स। मध्यम/उन्नत: 3-4 सेट्स, 6-12 रेप्स।

निर्देश

शुरुआती स्थिति: बार को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा ज़्यादा चौड़ाई में पकड़ें, हथेलियां आपसे दूर हों, और बाहें पूरी तरह फैलाकर लटकें।

मूवमेंट: कोहनियों को नीचे और पीछे ले जाते हुए शरीर को तब तक ऊपर खींचें जब तक ठुड्डी बार से ऊपर न निकल जाए। नियंत्रण में वापस पूरी तरह लटकने की स्थिति में आएं।

सांस लेना: ऊपर खींचते समय सांस छोड़ें, नीचे आते समय सांस लें।

सामान्य गलतियां

  • नियंत्रित ताकत की बजाय मोमेंटम (किपिंग) का उपयोग करना।
  • पूरी रेंज ऑफ मोशन हासिल न करना (आधे रेप्स)।
  • लैट्स को एंगेज करने की बजाय कंधों को कानों की ओर उचकाना।

सुरक्षा संबंधी बातें

  • वेटेड पुल-अप करने से पहले धीरे-धीरे ग्रिप और कंधे की ताकत बनाएं।
  • ऊपर की स्थिति से अचानक न गिरें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आवश्यक ताकत बनाने के लिए असिस्टेड पुल-अप मशीन, रेज़िस्टेंस बैंड-असिस्टेड पुल-अप, या नेगेटिव पुल-अप (ऊपर कूदकर धीरे-धीरे नीचे आना) से शुरू करें।

पुल-अप में ओवरहैंड (प्रोनेटेड) ग्रिप होती है और यह पीठ पर ज़्यादा ज़ोर देता है; चिन-अप में अंडरहैंड (सुपिनेटेड) ग्रिप होती है और इसमें बाइसेप्स ज़्यादा शामिल होते हैं।

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